गुरुवार, 16 मार्च 2023

जमीन खरीदते समय क्या क्या जानकारियाँ रखनी चाहिए?

एक बने हुए घर को खरीदने में और जमीन खरीदने में काफी फर्क होता है ।जमीन खरीदते समय हमे कुछ अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरुरत होती है ।
अधिकतर प्रॉपर्टी खरीदने वालो का झुकाव जमीन के तरफ ज्यादा होता है।इसकी वजह यह है कि जमीन पर हम अपने हिसाब से घर बना सकते हैं,जबकि फ्लैट या अपार्टमेंट में ऐसा नही है।लेकिन जमीन खरीदने में कई जोखिम भी है।अगर भी जमीन खरीदने की सोच रहे हैं तो इस पोस्ट को पुरा पढ़ ले ।

जमीन खरीदते वक्त टाइटल की जाँच जरूर करें-
कोई भी जमीन का टुकड़ा खरीदने से पहले टाइटल की जांच करना सबसे जरूरी और अहम होता है।टाइटल जाँच से मतलब यह है कि आप यह पता करे कि जो व्यक्ति जमीन बेच रहा है,वही जमीन का असली मालिक है और उसके पास ही सारे अधिकार है ।इसके लिए आप एक वकील के पास जाएँ ताकि सेल्स डीड और प्रॉपर्टी टैक्स की जाँच करवाकर वेंडर के टाइटल कन्फर्म होने का सर्टिफिकेट आप हासिल कर सके।

पावर ऑफ अटार्नी 
कई बार जमीन मालिक की ओर से पावर ऑफ अटार्नी के जरिये बेचा जाता है । इसकी जाँच गहनता से करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वही प्रॉपर्टी बेचीं जा रही है।ऐसे भी मौके होते जब कुछ समय के भीतर कुछ तस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना जरूरी होता है और उसी में देरी होती है, इससे लागत बढ़ जाती है,ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप किसी और को अपनी ओर से हस्ताक्षर करने ,चीजों को आसान बनाने के लिए अधिकृत कर सकते हो।

जमीन खरीद में टैक्स और खाता 
जमीन खरीदने से पहले ,खरीददार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान हस्तांतरण की तारीख तक किया जा चुका है और वेरिफिकेशन के लिए इस तरह के भुगतान के लिए मूल रसीदे तैयार हैं।यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि वेंडर के नाम पर खाता उपलब्ध है ।

जमीन खरीदने के कानूनी नियम
भूमि के खरीदार को यह सुनिश्चित. करना चाहिए कि स्थानीय. कानून भूमि खरीदने पर कोई रोक ना लगाए।कुछ राज्यों में गैर- कृषि विज्ञानी ,कंपनियां,फर्म,और 2500000 रुपये से अधिक इनकम वाले व्यक्ति कृषि भूमि नही खरीद सकते।लेकिन कुछ राज्यों में ऐसे नियमो में ढील दी गयी है ।इसीलिए जमीन खरीदने से पहले किसी वकील से सलाह जरूर ले लें।

जमीन की माप 
कोई भी जमीन खरीदने से पहले या अपने नाम पर रजिस्ट्रेशन करने से पहले उस जमीन को माप ले,यह सुनिश्चित करने के लिए कि जमीन के टुकड़े की माप और सीमाएं सटीक हैं।

सरकार की इजाजत है या नही -
अगर आप फ्लैट या कोई जमीन खरीद रहे हैं तो देख लें कि बिल्डर को कंस्ट्रक्शन की अनुमति मिली है या नही।इसके लिए इससे सम्बंधित विभाग जैसे- डीडीए, जीडीए,आवास बोर्ड  से पूछताछ करनी चाहिए।अगर आप इससे भी संतुष्ट नही हैं तो RTI  का सहारा ले सकते हैं।

प्रॉपर्टी पर कर्ज तो नही है -
खरीदार को खरीदने से पहले यह पता कर लेना चाहिए कि प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज तो नही है।अगर ऐसा है तो उसकी भुगतान की जिम्मेदारी आप की होगी। कई बार कुछ बिल्डरो ने खरीदार को बेवकूफ भी बनाया है।

प्रॉपर्टी बेचने वाले की पुरी जानकारी रखें- 
आप जिस भी व्यक्ति से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं,वह कैसा व्यक्ति है यह जानना बहुत जरूरी है।कई बार बेचने वाला अपनी पुरी जानकारी नही डेटा है या फिर सही जानकारी नही देता है,तो पहले प्रॉपर्टी बेचने वाले के बारे में पुरी जानकारी पता कर ले और यह भी पता करे कि उसने इसके पहले भी प्रॉपर्टी बेचीं है या नही ।

प्रॉपर्टी गवर्नमेंट या कलेक्टेर लैंड तो नही है-
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले पता कर ले कि प्रॉपर्टी गवर्नमेंट या कलेक्टर लैंड तो नही ।कलेक्टर लैंड में वह जमीन शामिल होती है जो लैंड रिकॉर्ड्स में कलेक्टर के पास हो और उस पर कलेक्टर. का हक होता है।गवर्नमेंट लैंड में वह लैंड शामिल होते है जो रिकॉर्ड्स में स्टेट या. सेंट्रल गवर्नमेंट के अधीन होती हैं।

रविवार, 12 मार्च 2023

क्रेडिट कार्ड क्या होता है?

हम अक्सर खरीदारी या बिलो के भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड(Credit card) का नाम सुनते हैं। लेकिन बहुत लोगो को पता ही नही है कि क्रेडिट कार्ड क्या होता है? क्रेडिट कार्ड के लाभ और नुकसान क्या हैं?और क्रेडिट कार्ड को कैसे ले सकते है? अगर आपके दिमाग़ में ये सब सवाल हैं तो इस पोस्ट को पुरा पढ़े और आपके सारे सवालों के जवाब आसान शब्दों में मिलेगा यहाँ।

क्रेडिट कार्ड क्या होता है? what is credit card in Hindi -
क्रेडिट  कार्ड का अर्थ है - उधारी खाता । यह एक प्लास्टिक का छोटा सा कार्ड होता है। इसे एक स्पेशल पेमेंट सिस्टम के लिए bank ग्राहकों को जारी किया जाता है ।
क्रेडिट कार्ड की मदद से कोई भी ग्राहक वस्तुओ या सेवाओं को खरीद सकते हैं और उसका भुकतान बाद में कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड से आप एक सिमित दायरे तक अपनी जरूरतों को पुरा कर सकते हैं।
इसप्रकार ,जिनके पास क्रेडिट कार्ड (Credit card)  है,वे बिना किसी खास परेशानी के bank balance न होने के बावजूद अपनी जरूरतों को पुरा कर सकते हैं।  फिर भी क्रेडिट कार्ड का प्रयोग विषम से विषम परिस्थितियों मे ही करना चाहिए।नही तो भविष्य में आपके लिए tension बढ़ सकता है।

क्रेडिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?
  • क्रेडिट कार्ड निम्न प्रकार के होते हैं-
  • सामान्य क्रेडिट कार्ड
  • फीचर्ड क्रेडिट कार्ड
  • बिजिनेस क्रेडिट कार्ड
  • स्पेशल क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड में क्या अंतर होता है? What is difference between credit card and debit card -

क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के बिच सबसे बड़ा अंतर यही है कि ज़ब आप डेबिट कार्ड का उपयोग करतें हैं,तो पैसे सीधे आपके बैंक एकाउंट से कटते हैं। लेकिन ज़ब क्रेडिट कार्ड का उपयोग करतें हैं तो ये पैसे आपके प्री -अप्रूवल लिमिट से कटते हैं।

क्रेडिट कार्ड के क्या फायदे हैं?
क्रेडिट कार्ड का एक ये फायदा है कि कम बैलेंस की स्थिति में भी पेमेंट की सुविधा आसान हो जाति है।आपको कई ब्याज मुक्त क्रेडिट का भी फायदा मिलता है। इसके साथ ही आपको कैशबैक और डिस्काउंट का भी फायदा मिलता है।

क्रेडिट कार्ड के नुकसान क्या हैं? 
क्रेडिट का उपयोग करने पर आपको अपने बैंक को एक शुल्क ब्याज के रूप में भरना पड़ता है।जबकि डेबिट कार्ड से ऐसा नही होता है,क्यूकी वहां बैंक से कोई उधार नही ली जाती है ।
बहुत से लोगो के पास कई बैंक के क्रेडिट कार्ड होते हैं।और उनको सभी के पेमेंट की आख़री तारीख को याद रखना चुनौतिपूर्ण होता है और आपकी गिनती डिफाल्टर के रूप मे हो सकती है ।ऐसे में क्रेडिट कार्ड आपको कर्ज के भारी जाल में फंसा सकता है और इससे आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) भी प्रभावित होता है ।क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने के लिए आपको करीब 60 दिन का समय मिलता है ।

क्रेडिट कार्ड पर ब्याज कितना लगता है? 
सामान्य तौर पर क्रेडिट कार्ड पर 2.5% से 3.5% ब्याज दर प्रति माह लगता है।लेकिन यह अलग अलग बैंको में अलग भी होता है ।

क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए क्या होना चाहिए?
क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आपको अपने बैंक खाते के साथ ही आधार कार्ड ,ड्राइविंग लाइसेंस ,वोटर कार्ड और पासपोर्ट आदि डॉक्यूमेंट की जरुरत पड़ती है।

सबसे अच्छा क्रेडिट कार्ड कौनसा होता है? 
अगर आप क्रेडिट कार्ड लेने की योजना बना रहे हैं तो इसके लिए आपकी उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए ।क्रेडिट कार्ड के लिए आपके पास आय का एक नियमित साधन होना अनिवार्य है और आपकी कोई बुरी credit history नही होनी चाहिए।

Credit card के लिए कुछ विकल्प निम्न हैं-
  1. Axis Bank Credit Card 
  2. Amazon Pay Later 
  3. ICICI bank lifetime free credit card 
  4. HDFC Bank Credit Card 
  5. BPCL SBI credit card OCTANE 
  6. SBI Simply credit card 
  7. Citi Premier Miles Credit card 
  8. SBI Elite Credit Card 
  9. YES FIRST Prefered Credit Card 
क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?
क्रेडिट कार्ड के लिए आपके पास जिस बैंक का खाता है उसके website पर जाकर online आवेदन कर सकते हैं।उसके बाद आपके बैंक के प्रतिनिधि कॉल करेंगे और कुछ जरूरी जानकारी मांगेंगे ।इसके बाद बैंक आपका आवेदन स्वीकार कर लेगा और कुछ दिनों बाद आपको सूचित करेगा। अगर आवेदन अस्वीकार होगा तो बैंक उसका करण बताएगी ।

HDFC Credit card  के लिए कैसे apply करे -

HDFC भारत की  सबसे बड़ी निजी बैंको में से एक है। यह बैंक कई प्रकार के क्रेडिट कार्ड्स को जारी करती है जैसे-  HDFC Regalia card, HDFC Diners Club card, HDFC Platinum Times card, HDFC Titanium Times card, HDFC Teachers Platinum Credit card, और साथ ही ग्राहकों को कई सारे छूट भी देती है।
इसकेलिए आवेदन करने का तरीका निम्न है -

  • सबसे पहले https://www.hdfcbank.com/पर जाये,
  • फिर online आवेदन पर क्लिक करे ।
  • यहाँ आपको otp के लिए मोबाइल नंबर मांगा जायेगा।
  • Otp आने के बाद उसे भरे और proceed पर क्लिक करे।
  • इसकेबाद,व्यवसाय,आय,पता,जैसी जानकारी मांगी जाएगी।
  • यदि आपके पास पहले से कोई credit card है तो बताये।
  • captcha कोड डाले और proceed पर क्लिक करे।
  • आप अपनी जरूरतों के अनुसार कार्ड की सूची से चयन कर सकते है ।
  • सलेक्ट करे और proceed करे।
  • आगे सही विवरण भरे और उसे submit करे ।
  • इसकेबाद,बैंक यह जाँच करेगा कि आप credit card का लाभ ले सकते हैं या नही।
  • यदि आपने मानदंडो को पुरा किया है तो आपके पास बैंक से call आएगा ।
  • इसकेबाद बैंक से एक प्रतिनिधि आपके घर दस्तावेज लेने आएगा।
  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद,एक सप्ताह के भीतर credit card आपके पते पर पहुंच जायेगा।

शुक्रवार, 3 मार्च 2023

Online paise kamane ke tarike

हर कोई चाहता है पैसे कामना। इसी लिए हर कोई आजकल mobile से पैसे कैसे मामाये? या इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए?  google पर search कर रहा है।आज के जमाने में हर किसी कों job नही मिल रही है और हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी भी होती है कि वह जल्द से जल्द पैसे कामना शुरु कर दे ताकि अपना और अपने परिवार की जरूरतों कों पुरा कर सके।
आज के समय में बहुत से ऐसे लोग हैं जो ऑनलाइन पैसे कमा रहे हैं और अपनी जरूरतों के साथ - साथ अपने परिवार कों भी मदद कर रहे हैं।लेकिन अभी भी कुछ लोग ये सोचते हैं कि घर बैठे पैसे कैसे कमाए? क्या ऐसा कोई तरीका है या सब झूठ है ।जी हाँ ये सही है कि हम घर बैठे भी पैसा कमा सकते हैं।
हर व्यक्ति में कोई प्रतिभा होती है और वह व्यक्ति चाहे तो उस प्रतिभा का प्रयोग कर के आसानी से पैसे कमा सकता है।तो आईये अब आपको बताते हैं कि घर बैठे ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए?

Online paise kaise kamaye 2023?

ज़ब से इंटरनेट की क्रांति आयी है ,हमारे जिने के तरीको में काफी बदलाव आया है।इसके साथ ही हमारे पैसे कमाने के तरीके भी बदल गये हैं।आज ऑनलाइन पैसे कमाने के बहुत तरीके हैं।घर बैठे अपने खाली समय का उपयोग कर के हम पैसे कमा सकते हैं। आगे कुछ बताने से पहले मै आपको यह बता देता हुं कि यह झूठ नही है क्यूकी मै खुद इंटरनेट से पैसे कमाता हूँ जिससे मै अपनी जरूरतों कों आसानी से पुरा कर लेता हूँ।
1. ब्लॉगिंग से ऑनलाइन पैसा कैसे कमाए? 
आज के समय में ब्लॉगिंग ऑनलाइन पैसा कमाने का सबसे लोकप्रिय साधन लगा गया है और इसकी लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है।अगर भी ऑनलाइन पैसा कमाना चाहते हैं तो ब्लॉगिंग एक शानदार तरीका हो सकता है।ब्लॉगिंग करने के लिए आपके अंदर किसी भी विषय पर अपने विचार से उसके बारे में लिखने की कला होनी चाहिए जिससे कि पढ़ने वाले कों भी की बात समझ में आए और उससे पढ़ने वालो कों उनकी समस्याओ का हल मिल सके।
आप अपने ब्लॉग पर विज्ञापन स्थान बेचकर या Google Adsense  पर अपने ब्लॉगिंग साइट कों जोड़कर विज्ञापन चलाकर पैसे कमा सकते हैं। भी Affiliate Marketing  से भी पैसे कमा सकते हैं इसके लिए आपको उत्पादों के link कों अपने ब्लॉग पर link कर सकते हैं और अगर कोई आपके ब्लॉग पर आकर उस link से उस उत्पाद कों खरीदता है तो उसका कुछ फयदा आपको भी मिलता है।
2. You Tube से ऑनलाइन पैसा कैसे कमाए? 
ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए You Tube एक शानदार तरीका है।क्यूकी यह दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय search engine है और इसके 1 बिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं।
You Tube से ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए भी कई तरीके हैं सिर्फ Adsense से ही नही बल्कि Affiliate Marketing और Sponsored Video से भी आप पैसे कमा सकते हैं।
इसके लिए आपको कुछ बातो का ध्यान देना होगा जैसे-

  • ऐसे सामग्री बनाये जो लोगो कों पसंद आए और औरो से अलग भी हो ।
  • उसी कैटेगरी में video बनाये जिसमे आप कों अनुभव हो।
  • अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे facebook या twiter पर अपनी videos कों share करे।
  • नियमित रूप से videos कों अपलोड करतें रहे।

3. ऑनलाइन पढ़ा कर पैसे कमाए -
आजकल ऑनलाइन प्रशिक्षक के माध्यम से भी पैसे कमाए जा सकते हैं।ऑनलाइन शिक्षक कही भी कभी भी पढ़ा सकता है और घर से ही पैसे कमा सकता है।
इसके लिए आपको किसी भी विषय पर जिसमे आपकी रुचि है एक अच्छी पकड़ बनानी होगी ताकि भी आसानी से चीजों कों समझा सके।
4. सामान बेचकर ऑनलाइन पैसे कमाए -
यह बहुत ही आसान तरीका है पैसे कमाने का ।कई online websites जैसे कि ebay, olx, quickr, amazon पर लोग अक्सर जाते है और जरुरत के सामान खरीदते हैं। यहाँ second hand या पुराने सामान कों भी बेचा जाता है।ऐसे marketplaces पर भी अपने सामान कों बेचकर जिसे भी प्रयोग ना करतें हो जैसे cell phone, books, electronic appliances या और कोई पुरानी चीज जो अब आप के उपयोग के लिए ना हो ।
5. Fiverr से online पैसा कमाने का तरीका-
यह एक वैश्विक online बाज़ार है जो फ्रीलेंसरों और उद्धिमियो कों सस्ती दरो पर  अपनी सेवाएं बेचने का अवसर प्रदान करती है।हर दिन लाखो लोग द्वारा साइट का उपयोग करने के साथ,यह लोगो के लिए अपने कौशल या प्रतिभा से पैसे कमाने के सबसे लोकप्रिय तरीको में से एक है।
एक बार register करने के बाद आप अपने skill कों sell कर सकते हैं,जिसकी कीमत $5 से start होती है।हर एक sell कों एक gig कहा जाता है। ज़ब कोई user आपके gig कों खरीदता है तो उसके बदले आपको $5 मिलते हैं।
6. Affiliate Marketing से  online पैसा कैसे कमाए? 
Affiliate Marketing  online मार्केटिंग का ही एक रूप है जहाँ आप दूसरे लोगो के उत्पादों कों बढ़ावा देते हैं और उसके बदले में पैसा कमाते हैं।यह तरीका पिछले कुछ सालो से लोकप्रिय हो रहा है और अब यह online पैसा कमाने का अच्छा तरीका लगा गया है।

7. Online Paid Survey से पैसा कमाए -
यह लोगो के लिए घर बैठे पैसे कमाने के तरीको में सबसे लोकप्रिय में एक है। पेड सर्वे से पैसे कमाने के कई तरीके है।
online paid सर्वे एक ऐसी website है जो लोगो कों अपने कम्प्यूटर या फोन पर आसान सर्वे पुरा करने का कुछ पैसे देती है यह मुफ्त और आसान है ।

8. Freelancing से online पैसा कमाए -
Freelancing स्वरोजगार का एक रूप है जो लगभग एक सदी से भी अधिक समय से है। यह अक्सर अनुबंध के काम से जुड़ा होता है। एक फ्रीलेंसर के रूप में पैसे कमाने के कई तरीके हैं लेकिन यह सब इसपर निर्भर है कि आपके पास किस तरह का स्किल है।
फ्रिलेंसर के रूप में पैसा कमाने का पहला कदम है अपनी खुद की website या ब्लॉग स्थापित करना ।

9. Data Entry से online पैसे कमाए -
यह एक ऐसा काम है जिसमे बहुत अधिक धैर्य और सटिकता की जरुरत होती है।Deta Entry ऑपरेटर को स्क्रीन पर दिखाई देने वाले टेक्स्ट को टाइप करने की आवश्यकता होती है।
ऐसी बहुत सी कंपनियां है जो घर बैठे डेटा एंट्री का काम करने के लिए लोगो को काम पर रखती है,जहाँ वे अपनी गति और घंटो के हिसाब से काम कर सकते हैं।

10. App बनाकर पैसा कमाए -
App बाज़ार एक बहुत ही प्रतिस्पर्धी जगह है।यहाँ आपके लिए बहुत ही चुनौतियाँ हैं जिन्हे दूर करने की आवश्यकता है ।
चुनौतियों में से एक है प्रतियोगिता ।ऐसे बहुत से लोग है जो ऐप बनाना चाहते हैं और इसके जरिये पैसा कमाना चाहते हैं।
दूसरी चुनौती है ऐसा ऐप बनाना जो दुनिया में उन समस्याओ को हल कर दे जो अन्य ऐप नही कर पायी हो।
यदि आप ऐप से पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको एक डेवलपर की आवश्यकता होगी जो आपका ऐप बना सके।इसके लिए आपको उसे बताना होगा कि भी किस प्रकार का ऐप बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसमे कौनसी सुविधा होनी चाहिए।
आपको एक डिज़ाइनर की भी जरुरत होगी जो आपके ऐप का रंगरूप बना सके।

मंगलवार, 28 फ़रवरी 2023

क्रिप्टों करेंसी क्या है? What is crypto currency?

क्रिप्टों मुद्रा एक डिजिटल संपति  है जिसे exchange के माध्यम के रूप में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमे व्यक्तिगत सिक्का स्वामित्व रिकॉर्ड कों एक कम्प्यूटरीकृत database के रूप में मौजूदा वहिखता के रूप में संग्रहित किया जाता है, जो crypto करेंसी के रूप मे मजबूत क्रिप्टोग्राफी का उपयोग कर के सुरक्षित रिकॉर्ड कों नियंत्रित करता है ।यह भौतिक रूप में मौजूद नही होता है और यह एक केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नही किया जाता है ।

Crypto currency का इतिहास क्या है? History of crypto currency? 

1983 में अमेरिकी क्रिप्टोग्राफर डेविड चाउम ने एक अज्ञात क्रिप्टोग्राफीक इलेक्ट्रॉनिक पैसे की कल्पना की ,जिसे एक्श कहा जाता है । बाद मे 1995 में उन्होंने इसे डिजिकैस के माध्यम से लागु किया ।
1996 में ,नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने हाउ टू मेक टू मिंट:  एनक्रिप्टेड इलेक्ट्रॉनिक कैश की क्रिप्टोग्राफी का एक पेपर प्रकाशित किया,जिसमे एक क्रिप्टोकरेंसी प्रणाली का वर्णन किया गया ,पहले इसे एक MIT mailing सूची में और बाद में 1997 में अमेरिकन लॉ रिव्यू में प्रकाशित किया ।
1998 में,वी दाई ने "बी मनी " का वर्णन प्रकाशित किया ,जिसे एक अनाम के तौर पर दिखाया गया ,जो इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम वितरित करता था।इसके बाद निक स्जाम्बो ने बिट गोल्ड का वर्णन किया।
पहली विकेंद्रिकत क्रिप्टों करेंसी ,बिटकॉइन 2009 में संभावतः सातोशी नकामोतो नाम के डेवलपर Satoshi Nakamoto  द्वारा बनाया गया था।

क्या क्रिप्टों करेंसी वैध है?  

क्रिप्टों करेंसी की कानूनी स्थिति हर देश में अलग अलग होती है ।एक अध्ययन में यह पता चला है कि अवैध वित में बिटकॉइन के उपयोग के बारे में व्यापक सामान्यीकरण काफी हद तक समाप्त हो गये हैँ और ब्लॉकचैन विश्लेषण एक प्रभावी अपराध से लड़ने और खूपिय  जानकारी जुटाने का उपकरण है ।जबकि कुछ देशो ने स्पष्ट रूप से उनके उपयोग और व्यापार की अनुमति दी है ।कुछ देशो ने इसे प्रतिबंधित किया है।
चाइना सेंट्रल बैंक ने 2014 में चीन में वित्तीय संस्थानों द्वारा बिटकॉइन की हैंडलिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था।
हालांकि रूस में क्रिप्टोकरेंसी कानूनी है ,लेकिन रूसी रूबल के अलावा किसी भी मुद्रा के साथ सामान खरीदना गैरकानूनी है ।
2018 में बैंक ऑफ थाईलैंड ने अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी ,सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी(CBDC) बनाने की घोषणा की ।
साल 2018 में भारत की सेंट्रल बैंक ने भी क्रिप्टोकरेंसी पर ट्रैड करने पर ban लगा दिया था,और 2019 में क्रिप्टों करेंसी कों भारत में पुरी तरह से बैन करने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया गया था।लेकिन मार्च 2020 में भारत की सर्वोच्च न्यायलय ने क्रिप्टों करेंसी पर बैन कों पुरी तरह से हटा दिया था।
फरवरी 2022 में,भारतीय संसद के बजट सत्र के दौरान,भारतीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि लोगो कों क्रिप्टोकरेंसी पर होने वाले मुनाफे पर 30% टैक्स देना होगा।
भारत ने अपना खुद का थोक डिजिटल रुपया 1 नवम्बर 2022 और रिटेल डिजिटल रुपया 1 दिसंबर 2022 में लॉंच किया ।

ब्लॉकचेन क्या है? What is blockchain technology? 

आपने हिसाब किताब रखने वाली बही तो देखी होगी,तो इसे आप आसान शब्दो में ऐसे समझे कि ब्लॉकचेन एक डिजिटल सार्वजनिक बही खाता है ।इसी डिजिटल बही जे जरिये ही क्रिप्टों करेंसी का संचालन होता है।प्रत्येक लेनदेन कों सार्वजनिक बही खाते में रिकॉर्ड तथा आवंटित कर दिया जाता है।Blockcheain technology की खासियत यह है कि यहा पर अगर एक बार कोई लेनदेन कों दर्ज हो गया तो इसे न तो यहाँ से हटाया जा सकता है और न ही इसमे कोई बदलाव किया जा सकता है।
ब्लॉकचेन की  इसी खूबी की वजह से क्रिप्टों करेंसी के लेनदेन के लिए एक थर्ड पार्टी जैसे- बैंक की जरुरत नही पड़ती है।इस तरह से देखे तो blockchain एक technology है जिसका लाभ आने वाले समय में वित्तीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा होगा ।

क्रिप्टों करेंसी कितने प्रकार की होती है? Types of crypto currency?

वर्तमान में क्रिप्टों करेंसी के बहुत रूप है ।यहाँ पर हम कुछ लोकप्रिय क्रिप्टों की चर्चा करेंगे।बिटकॉइन(Bitcoin) कों दुनिया का सबसे लोकप्रिय क्रिप्टों करेंसी माना जाता है।इसे सातोशी नाकामोतों ने 2009 में बनाया था।यह एक विकेंद्रिकृत currency है ,यानी कि इसपर किसी सरकार या संस्था का नियंत्रण नही है, कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से लोग इसके तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैँ।

इथेरियम(Ethereum)  भी एक ओपन सोर्स डि -सेंट्रलाइज  और ब्लॉकचेन पर आधारित डिजिटल currency है,इसके संस्थापक का नाम Vitalik Buterin है।इसके क्रिप्टों करेंसी टोकन कों Ether भी कहा जाता है।बिटकॉइन के बाद यह दूसरी सबसे लोकप्रिय crypto currency है।

लाइटकॉइन(Litecoin)  भी एक डी -सेंट्रलाइज  तकनीक से उपजी डिजिटल मुद्रा है,जिसे एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार किया गया है, इसके संस्थापक चार्ल्स ली हैं जो google में काम कर चुके हैं।

डॉग कॉइन(Dogecoin) बनने की कहानी काफी रोचक है।बिटकॉइन का मजाक उड़ाने के लिए कुत्ते से उसकी तुलना की गयी,जिसने आगे चलकर एक crypto currency का रूप ले लिया।इसके संस्थापक का नाम बि मार्कुस (Billy Markus) है। इनदिनों इस currency की मार्केट वैल्यू बहुत अच्छी है।

टीथर(Tether)  एक बड़ी और स्थिर मुद्रा है।यह crypto currency में निवेश करने के इच्छुक लोगो के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है।

Crypto currency कैसे और कहाँ खरीदें?

मुझे यह उम्मीद है कि अभी तक के लेख से आपको crypto currency की बेसिक जानकारी मिल गयी होगी।अगर आप crypto currency में निवेश करना चाहते हैं तो एक डिजिटल करेंसी होने के वजह से आपको ऑनलाइन ही इसमे निवेश करना होगा।ऐसे बहुत सारे प्लेटफार्म हैं जहाँ पर जाकर आप क्रिप्टों करेंसी की मौजूदा कीमत का पता लगा सकते हैं और इसे खरीद या बेच सकते हैं।
कुछ लोकप्रिय क्रिप्टों करेंसी खरीदने बेचने वाली ऑनलाइन websites के बारे में आपको बता देता हुं ,इनसभी websites पर आप अपना account बनाकर क्रिप्टों करेंसी खरीद या बेच सकते हैं।इनमे से कुछ ने अपना मोबाइल aap भी लॉन्च किया है,जिसे install कर के आप अपने mobile से भी क्रिप्टों करेंसी में निवेश कर सकते हैं। 
1. कॉइनस्विच (Coin Switch) 
2. वजीरएक्स(wazirx )
3. यूनोकॉइन(unocoin) 
4. जेबपे(Zebpay) 
5. कॉइनबॉक्स(Coinbox) 
6. बिटीसीएक्सइंडिया(BTCxIndia )

क्रिप्टों करेंसी (Crypto currency) खरीदने से पहले जरूरी एहतियात-

यदि आप किसी app के जरिये निवेश कर रहे हैं तो इस बात की पड़ताल जरूर कर ले कि जिस app में आप निवेश कर रहे हैं वह सुरक्षित है या नही। क्यूंकि आजकल हैकर्स मिलते जुलते  नामो वाली app भी बना देते हैं जिसकी वजह से आपको नुकसान हो सकता है।
आप अपनी मर्ज़ी से किसी भी क्रिप्टों करेंसी में निवेश कर सकते हैं,मगर निवेश करने से पहले उस डिजिटल करेंसी की history, मौजूदा कीमत और पिछले कुछ महीनों मे आए उतार - चढ़ाव के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल कर ले ताकि निवेश से पहले आप उससे जुड़े हर प्रकार के जोखिम कों भली- भांति समझ सके।
क्रिप्टों करेंसी पर भारत सरकार की कोई स्पष्ट पालिसी नही है,ऐसी स्थिति में वित्तीय जोखिम आपको ही लेना होगा ,इसीलिए बेहतर होगा कि आप निवेश से पहले उसके जोखिम का मूल्यांकन कर लें और उसी के अनुसार निवेश करे ।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

केन्द्रिय बजट क्या होता है? What is Union Budget?

संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत सरकार कों हर साल वित्तीय वर्ष के पहले केंद्रीय बजट या बजट पेश करना होता है ।बजट किसी वित्तीय वर्ष मे सरकार द्वारा कुल आमदनी और व्यय का व्यौरा  होता है ।वित्तीय वर्ष किसी वर्ष के 1 अप्रेल से लेकर अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि होती है ।2017 से हर साल बजट 1 फरवरी कों पेश किया जाता है ।

केंद्रीय बजट क्या होता है?What is union budget?

 केंद्रिय बजट किसी  विशेष वित्तीय वर्ष मे सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और देय का लेखा जोखा होता है।
केंद्रिय बजट कों दो प्रमुख भागो मे बांट सकते हैं -
पहला पूजिगत बजट (Capital budget) और दूसरा राजस्व बजट(Revenue budget)  

पूजींगत बजट:- यह बजट सरकार से सम्बन्धित पूजींगत भुगतान और प्राप्तियों से सम्बन्धित होता है।
पूजींगत प्राप्तियों मे जानता से या भारतीय रिजर्व बैंक से लिए जाने वाले ऋण आते हैं।
वही दूसरी और पूजींगत भुगतान के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं ,उपकरणों के विकास और रखरखाव के साथ -साथ शैक्षणिक सुविधाओं के लिए किये गये खर्च शामिल किये जाते हैं।
राजस्व बजट:- इस बजट के नाम से पता चलता है कि राजस्व बजट सभी राजस्व व्यय और आय से जुड़ा होता है ।इसमे टेक्स और दूसरे माध्यमो से होने वाले आय और उसके खर्चो कों दर्शाया जाता है ।
यदि राजस्व व्यय ,राजस्व आय से अधिक है तो सरकार कों राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता है।

केंद्रिय बजट का क्या महत्व है?Union budget in Hindi -

केंद्रिय बजट का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता. के साथ -  साथ हमारे देश की तेज और संतुलित आर्थिक विकास सुनिश्चित करना होता है ।
यह देश की  दशा और दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण होता है ।

केंद्रिय बजट क्यों पेश किया जात है? 

किसी भी सरकार के द्वारा केंद्रिय बजट पेश किये जाने के कुछ प्रमुख उद्देश्य होते है जैसे-
विभिन्न मादो मे संसाधनों का कुशल आवंटन सुनिश्चित करना - 
केंद्रिय बजट के माध्यम से सरकार अपने यहाँ उपलब्ध संसाधनों कों देश के सर्वोत्तम हित मे विभिन्न मादो मे आवंटन सुनिश्चित करने की कोशिश करती है ।संसाधनों का तर्कसंगत आवंटन सरकार कों उन संसाधनों से अधिकतम लाभ अर्जित करने मे मदद करता है।ऐसा कर देश मे सार्वजनिक कल्याण कों बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं कों वितपोषित  करने के लिए राशि जुटाई  जाति है ।
बेरोजगारी और गरीबी के स्तर कों कम करना-
केंद्रिय बजट का एक उद्देश्य गरीबी कों ख़त्म करना और अधिक से अधिक रोजगार का सृजन करना भी है।
केंद्रिय बजट के माध्यम से सरकार कों यह सुनिश्चित करना होता है कि देश के प्रत्येक नागरिक कों उचित स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं मिले।इसके साथ ही सरकार कों इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि देश के नागरिक अपने लिए रोटी,कपड़ा और मकान जैसे बुनियादी जरूरतों कों पुरा करने मे सक्षम हो ।
धन और आय की असमानताओ कों कम करना -
बजट सब्सिडी और करो के माध्यम से आय के वितरण कों प्रभावित करता है ।बजट मे सरकार ये सुनिश्चित करने कि कोशिश. करती है कि अमीर वर्ग पर उच्च दर लगाई जाये जिससे उनकी डिस्पोजेबल आय एक हद मे रहे । दूसरी और निम्न आय वर्ग पर  सरकार दर कम रखने की कोशिश करती है ताकि उनके पास अपने खर्चे चलाने के लिए पर्याप्त आमदनी बनी रहे ।
कीमतों पर नियंत्रण:- 
केंद्रिय बजट आर्थिक उतार चढाव कों नियंत्रित करने मे भी सहायता करता है ।यह मुद्रांस्फिति (Inflation) और अपस्फिति (Deflation) का उचित. प्रबंधन सुनिश्चित करता है ।इस तरह आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना भी बजट का एक मुख्य उद्देश्य है।मुद्रांस्फीती के दौरान अधिशेष बजट नीतियों कों लागु किया जाता है ।उसके उलटे घाटे की बजट नीतियाँ अपस्फीती के दौरान तैयार की जाती है ।यह अर्थव्यवस्था मे कीमतों कों नियंत्रित रखने मे अहम योगदान अदा करता है ।
देश के टेक्स स्ट्रक्चर मे बदलाव-
केंद्रिय बजट मे देश के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करो मे संभावित बदलाव कों भी निर्धारित करता है।बजट के माध्यम से आयकर दरो और कर ब्रेकेट मे बदलाव लाने की भी घोषणा करती है ।
केंद्रिय बजट वास्तव मे बहुत महत्वपूर्ण है और देश की आर्थिक स्थिति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।ऐसे मे देश के हर आम नागरिक कों इसकी बेसिक जानकारी होनी चाहिए ।

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023

होम लोन कैसे ले? Home loan ke liye apply kaise kare?

Home loan Kaise le Sakte hain?

 आजकल हर बैंक अपने ग्राहको कों होम लोन की सुविधा प्रदान करता है ।इसके साथ - साथ बैंक समय समय पर अपनी स्किम के द्वारा भी अपने ग्राहकों कों घर बनाने के लिये लोन देता है।ऐसे कोई भी व्यक्ति जिसके पास घर बनाने के लिये जगह है वो अपने क्षेत्र के बैंक से घर बनाने के लिये लोन ले सकता है ।
लेकिन किसी भी बैंक से लोन लेने से पहले आपको कुछ चीजों कों पहले ही  जान लेनी चहिये जैसे कि वह बैंक किस ब्याज पर लोन देता है और उसकी नियम और शर्ते क्या है ।हर बैंक अलग अलग ब्याज पर होम लोन देते हैं इसीलिए ज़ब आप होम लोन लेने की  सोचे तो पहले उस बैंक के बारे मे पता कर ले नही तो लोन लेने के बाद आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

घर बनाने के लिये बैंक से होम लोन कैसे ले ?

आजकल बैंक से home loan लेना बहुत आसान हो गया है क्योंकि बैंक अपने ग्राहकों कों होम लोन तथा अन्य लोन की स्किम के बारे मे बताने के लिये हेल्पलाइन  नंबर की सुविधा प्रदान करता है ।
Home loan भी अलग अलग तरह के होते हें जैसे - नया घर बनाने के लिये ,पुराने घर की मरम्मत के लिये या किसी प्राइवेट बिल्डिंग मे फ्लैट लेने के लिये भी आप बैंक से भी ले सकते हें।
बैंक से लोन लेने के लिये जरूरी दस्तावेज जो है वो जमीन का कागज है अगर आपके पास हमीन के कागज है तो बैंक आपको आसानी से लोन दे देगा ।

होम लोन कैसे मिलता है? Home loan kaise milta hai?

वर्तमान मे हर बैंक अपने ग्राहकों कों होम लोन दे रहा है।आपको जिस बैंक से होम लोन लेने की इच्छा है आप ले सकते हैं । आपका account जिस बैंक मे भी है अगर आपके खाते से बराबर लेन देन हो रहा है तो आपको उस बैंक से जल्दी लोन मिल जाता है । नये बैंक से लोन लेने मे थोड़ा समय लगता है।
होम लोन लेने के लिए आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज जैसे जमीन का कागज,पहचान पत्र आदि ।
लोन लेने से पहले आप घर बनाने मे लगने वाले पूरे खर्च का एक अनुमानित हिसाब कर ले क्योंकि बैंक से लोन लेते समय आपको बैंक कों बताना होगा ।
उसके बाद आप अपने बैंक के नजदीकी शाखा मे home loan के लिए Apply कर सकते हैं ।

Home loan लेने से पहले क्या करे? home loan in Hindi -

दोस्तों होम  लोन लेने से पहले हमे कुछ जरूरी बातो का ध्यान जरूर रखना चाहिए जैसे -
▪️जिस भी बैंक से आप होम लोन लेना चाहते हैं सबसे पहले उस बैंक का होम लोन पर कितना ब्याज है ये पता कर लीजिये क्योंकि हर बैंक का होम लोन पर ब्याज अलग अलग होता है ।
▪️अगर आपके पास दो बैंक खाते हैं तो आप उस बैंक से होम लोन लेने की कोसिस करे जिसमे लेन देन अच्छा हो  ।
▪️ बैंक से home loan लेने के बाद आप हर महीने समय पर EMI  भरे इससे आपको ब्याज मे कुछ छुट भी मिल सकता है और अगर भविष्य मे फिर लोन लेना होगा तो  आसानी से मिल जायेगा।
▪️ अपनी इनकम के हिसाब से ही loan ले क्योंकि आपको हर महीने अपने इनकम का फिक्स हिस्सा (EMI) जमा करना पड़ेगा ।

होम लोन के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स -

किसी भी बैंक से होम लोन लेने के लिए आपके पास कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए जैसे-
▪️ आवेदक का आधार कार्ड 
▪️ आय प्रमाणपत्र
▪️ 6 महीने का खाते का स्टेटमेंट्स की कॉपी
▪️ जमीन का कागज 
▪️ निवास प्रमाणपत्र
▪️ आवेदक का पासपर्ट्साइज़ फोटो आदि 

Home loan लेने के लिए आवश्यक शर्ते क्या हैं? 

▪️ होम लोन लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 65 वर्ष के बिच होनी चाहिए ।
▪️ आवेदक के पास अपनी जमीन होनी चाहिए । अगर आवेदक किसी बिल्डिंग मे फ्लैट खरीदने के लिए loan ले रहा है तो उस बिल्डिंग का एग्रीमेंट होना चाहिए।
▪️ आवेदक की मासिक आय 25000 रुपये कम से कम होनी चाहिए।
▪️ आवेदक भारतीय या प्रवासी भारतीय(NRI)  होना चाहिए ।
▪️ आवेदक का क्रेडिट स्कोर 750 से ज्यादा होना चाहिए ।
▪️ आवेदक के पास खुद का रोजगार या स्थाई प्राइवेट job होनी चाहिए ।

Home loan ke liye Apply kaise kre? होम लोन कैसे ले? 

होम लोन लेने के लिए आप ऑफलाइन या ऑनलइन दोनो तरीको से apply कर सकते हैँ ।अगर आप ऑफलाइन apply करना चाहते हैं तो आपको अपने बैंक के शाखा मे जाना पड़ेगा और वहा से फॉर्म लेकर उसमे पूछी गयी सभी जानकारियों कों सही से भरना होगा जैसे पुरा नाम ,बैंक का नाम,पता,आधार नंबर आदि और उसके बाद बैंक के अधिकारी उसकी जाँच करके लोन कों अप्रूव कर देंगे और पैसा आपके खाते मे आ जायेगा ।अगर आप ऑनलइन apply करना चाहते हैं तो आपको उस बैंक के पर जाना होगा और वहा बैंक द्वारा दी जाने वाली सभी प्रकार के  लोन की जानकारी दी गयी होती है, आप वहा से होम लोन के लिए apply कर सकते हैं ।

सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

what is hindenburg research?हिंडनबर्ग रिसर्च क्या है?

What is Hindenburg research? हिंडनबर्ग क्या है? 

हिंडनबर्ग  अमेरिका की एक वितिय शोध कम्पनी है।इस कम्पनी को 2017 में नाथन एंडरसन ने स्थापित किया गया था और यह कम्पनी न्यूयार्क शहर में स्थित है ।
रिसर्च फर्म का फोकस एक्टिविस्ट शॉर्ट सेलिंग पर है।

हिंडनबर्ग रिसर्च क्या करता है? 

फर्म अपने वेबसाइट पर कार्पोरेट धोखाधड़ी और वित्तीय दुर्भाव के बारे मे सर्वजनिक लेख प्रकाशित करती है ।
इसका कहना है कि फर्म  फोरेंसिक वित्तीय अनुसन्धान मे माहिर है ।यह कंपनी अपनी website पर कहती है कि इसे निवेश प्रबंधन उद्योग मे दशकों का अनुभव है ।
कम्पनी का कहना है कि,उसका मानना है कि असमान्य श्रोतो से मुश्किल से खोजने वाली जानकारी उजागर करने से सबसे प्रभावशाली शोध परिणाम और यह विशेष रूप से लेखांकन अनियमिताओ के लिये दिखता है ।

कौन है नाथन एंडरसन? 

 38 वर्षीय नाथन एंडरसन ने  कनेक्टिकट विश्वाविद्यालय मे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रबंधन का अध्यन किया है ।वे पहले एरुशलम मे रहते थे ।शुरुआत मे वे वहां अपनी स्वेक्षा से एम्बुलेंस सेवा मे काम किये उसके बाद फेक्ट्सेट नामक एक वित्तीय सॉफ्टवेयर कम्पनी के साथ परामर्श कार्य किया और फिर जून 2021 मे फिनेन्सियल टाइम्स मे प्रकाशित व्यक्ति के प्रोफाइल के अनुसार वाशिंगटन डी सी  और न्यूयार्क मे ब्रोकर डीलर फर्म मे काम किया ।
फिनेन्सियल टाइम्स मे कहा गया है कि hindanburg की स्थापना करने से पहले Anderson ने हैरी मार्कोपोलोस के साथ काम किया ,जिसने प्लेटिनम पार्टनर्स की जाँच के लिये बर्नी मेडौफ की पोंजी योजना कों हरी झंडी दिखाई थी ।एक हेज फंड जिसपर अंततः $1 बिलियन की  धोखा धड़ी का आरोप लगाया गया था ।

हिंडनबर्ग रिसर्च ने किन कंपनियों के बारे में रिसर्च किया है? 

 हिंडनबर्ग रिसर्च ने सितम्बर 2020 मे electric truck निर्माता कम्पनी निकोला के खिलाफ अपने रिसर्च के लिये सबसे अच्छी तरह से जानी जाता है, ज़ब उसने कम्पनी के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष ट्रेवर मिल्टन पर अपनी हाइड्रोजन संचालित ट्रक तकनीक के बारे मे निवेशकों कों धोखा देने का आरोप लगाया था ।Anderson ने एक video कों चुनौती दी जिसमे निकोला ने अपने electric truck कों तेज गति से दौड़ते हुए दिखाया था ।ज़ब वास्तव मे वाहन कों बस एक पहाड़ी से निचे लुड़का दिया गया था ।
दस महीने बाद मिल्टन कों न्यूयार्क के संघीय अभियोजको द्वारा प्रतिभूति ,धोखा धड़ी के चार मामलो मे अभियोग लगाया गया था ।
तब निकोला का स्टॉक 94% तक गीर गया ।
Anderson का एक अन्य टारगेट अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कम्पनी लॉर्डस्टॉन मोटर्स था ।जिसपर उसने 2021 की एक रेपोर्ट मे आदेशों कों बढ़ाने और इसके उत्पादन कार्यक्रम कों सफ़ेद  करने का आरोप लगाया था ।
इसका नाम हिंडनबर्ग क्यों है?

 इस research फर्म का नाम हिंडनबर्ग जर्मन हवाई पोत से लिया गया है जो 1937 मे न्यू जर्सी मे विस्फोट हुआ था ,जिसमे 36 यात्री मारे गये थे ।
कम्पनी कि website कहती है " हम हिंडनबर्ग कों एक मानव निर्मित ,पुरी तरह से रोकी जा सकने वाली अपादा के प्रतिक के रूप मे देखती है

अडानी समूह पर क्या आरोप है?
 
 हिंडनबर्ग का दावा है कि अडानी समूह मे बेशर्म स्टॉक हेरफेर और वित्तीय धोखा धड़ी के सबूत मिले हैं।
अडानी समूह ऊर्जा से लेकर कुछ बुनियादी विकास के क्षेत्र मे अपनी काफी पकड़ बना चुका है ।इसके अलवा अडानी समूह देश का सबसे बड़ा पोर्ट संचालक भी है और देश के कुछ बड़े एयरपोर्ट्स का भी संचालन इसके द्वारा होता है ।हाल ही के सालो मे अडानी के शेयरों मे  85% तक उछाल देखने कों मिला है ।
जनवरी मे हिंडनबर्ग के संस्थापक और अध्यक्ष Nothan Anderson  ने 100 पेजो की एक रिपोर्ट जारी की जिसमे अडानी पर राजस्व और स्टॉक की कीमतों कों बढ़ाने के लिये मोरीशस और बहामास  जैसे टैक्स हेवन मे कम्पनियो के जाल का उपयोग करने का आरोप लगाया है ।रिपोर्ट मे ये भी कहा गया है कि  समूह मे उच्च पदो पर घर के सदस्यों कों स्थापित किया गया है और ऋण का प्रबंधन करने के लिये कम्पनी के balance sheet कों गलत तरीके से दिखाया गया है ।
आपको बता दे कि हिंडनबर्ग कि रिपोर्ट के बाद अडानी समूह की सभी कम्पनियो के शेयर्स मे काफी गिरावट आयी है और अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी की  सम्पति लगभग $100 बिलियन गिर गयी है और अभी शेयरों मे गिरावट जारी है और जो अडानी दुनिया मे अमीरों के लिस्ट मे दूसरे पायदान पर पहुंच गये थे अब वे टॉप 10 रिचेस्ट की लस्ट से भी निचे चले गये हैं।

SCO क्या है? SCO in Hindi

SCO  ka Kya  Hai?  SCO ka full form Kya h?  SCO (Shanghai Cooperation Organization) की स्थापना साल 1996 में 'शंघाई फाइव'...